Difference between Hardware And software?Hardware And Software में क्या अंतर है ?

एक्सेसबिल्टी:   यह किसी हार्डवेयर या सोफ्टवेयर का वह फीचर होता है जिसके द्वारा Handicapped लोग भी कंप्यूटर का प्रयोग आसानी से कर सकते है

एकाउंट:-  इन्टरनेट को प्रयोग करने के लिए सर्वर को संचालित करने वाली कंपनियों द्वारा प्रदान किया गया खता जिसमे लाग इन नाम तथा पासवर्ड स्टोर रहता है सही पासवर्ड और लाँग-इन नाम लिखने पर ही इस खाते को खोला जा सकता है

एक्टिव हाइपर लिंक :-  ऐसा हाइपर लिंक जिसे वर्तमान में प्रयोग किया जा रहा है या जिसे ब्राउजर से सेलेक्ट कर रखा है कुछ वेव ब्राउजर ऐसे हाइपर लिंक को रंगों से दर्शाते है

एक्टिव पोर्ट:-  नेटवर्क मे प्रयोग होने वाले स्विच और रिपीटर की वह पोर्ट जिसका प्रयोग करके आपका सिस्टम दुसरे कंप्यूटर को कम्युनिकेट करता है

एड्रेस:- वह पता जिसका प्रयोग करके एक कंप्यूटर दुसरे कंप्यूटर से जुड़ता है और संदेसो का आदान प्रदान करता है यह पता ई –मेल एड्रेस भी हो सकता है तथा वेव एड्रेस भी हो सकता है

एडमिनिस्ट्रेटर:-  वह व्यक्ति जो सम्पूर्ण नेटवर्क का संचालन करता है और आप जिसकी अनुमति पर ही नेटवर्क ज्वाइन कर सकते है

एपल  मैंकटोश (i Mac)कंप्यूटर को बनाने वाली कम्पनी का नाम

ए एफ एस (AFS):-  प्रोटोकाल्स का वह समूह जो इस बात की अनुमति प्रदान करता है की आप फाईलो को किसी अन्य मशीन पर प्रयोग कर सकते है

ए ए पी एन (AAPN):- एडवांस पीर-टू पीर नेटवर्किंग के लिए इस सब्द का प्रयोग किया जाता है

अपेंड :-  टेक्स्ट या डेटा का एक पीस जब किसी फाईल से जुड़ता है तो उस प्रक्रिया को अपेंड करना कहते है

एप्लेट:-  जावा नामक प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए प्रोग्राम को एपेल्ट कहते है

एप्लीकेशन:-  वह सोफ्टवेयर जिसका प्रयोग कंप्यूटर प्रयोगकर्ता किसी विशेष कार्य को सपन्न करने के लिए किया जाता है जैसे की वर्ड प्रोसेसिंग , डेटाबेस मैनेजमेंट, इलेक्ट्रॉनिक स्प्रेड शीट या फिर फाईनेंसियल एकाउन्टिंग जैसे-कार्य

ए पी आई (API):- एप्लीकेसन प्रोग्रामिंग को संछेप में एपीआई के नाम से जानते है यह एक सॉफ्टवेअर इंटरफेस होता है जो एप्लीकेशनो को इस बात के लिए सक्रिय करती है वो एक दुसरे से  कम्युनिकेट कर सके

आर्पनेट:- अमेरिका की एक रक्षा मंत्री संस्था जिसका पूरा नाम एडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट एजेंसी है इसी से सन 1970 में रक्षा संबंधी कार्यो जको ध्यान में रखते हुए इन्टरनेट की स्थापना की थी

अस्काई  अमेरिकन स्टैंडर्ड कोड फॉर इनफार्मेशन एक्स्चेंज में ASCII कहते है यह बाइनरी पद्धति पर आधारित है और इसमें अधिकतम 256 अक्षर होते है

एक्टिव डेस्कटॉप:- विंडोस आपको ऐसा डेस्कटॉप सेट करने में मदद करता है जो वेव पेज की तरह दिखाई भी डेटा है और व्यवहार भी करता है एक्टिव डेस्कटॉप को ऑन करके आप अपने डेस्कटॉप वेव सामग्री न केवल डिस्प्ले कर सकते है बल्कि इसे अपडेट भी कर सकते है

ऐड/रिमूव हार्डवेयर:-  यह ऐड रिमूव हार्डवेयर विजार्ड को स्टार्ट करता है जो आपको सिस्टम पर कुछ जोड़ने, निकलाने या मिटाने और हार्डवेयर की मरम्मत अदि में मदत करता है जैसे की नेटवर्क कार्ड, माडेम , डिस्क ड्राइव ,सीडी रोम ड्राइव

 ऐड/रिमूव प्रोग्राम:-  इसमें आपके कंप्यूटर पर कुछ प्रोग्राम या विंडोस अवयवो को इंस्टाल किया जाता है या उन्हें निकला जाता है

एडमिनिस्ट्रेटिव टूल्स :-  यह माइक्रोसॉफ्ट मैनेजमेंट कंसोल टूल का संग्रह है जिसका प्रयोग आप विंडोस कंप्यूटर काम्फिगुरेसन का प्रबंध करने में करते है

बैकअप:-   यह आपके कंप्यूटर पर स्टोर की डेटा की सुरक्षा में मददगार साबित होता है साथ ही नेटवर्क ड्राइव पर मोजूद डेटा जिसे आप कापी करके डेटा स्टोरेज डिवाइस जैसे की टेप ड्राइव या अतिरिक्त हाई ड्राइव पर संग्रह कर सकते है उन्हें भी यह सुरक्षा प्रदान करता है डिस्क ख़राब होने गलती से फाईले मिट  जाने या फाईल ख़राब होने की सूरत में आप बैकअप से डाटा को री-स्टोर कर सकते है |

बैक बोन:-  वह उच्च गति वाला नेटवर्क माध्यम जिससे अनेक लोकल एरिया जुड़ सकते है इस जुडाव में स्विच, ब्रिज और राउटरो का प्रयोग किया जाता है इसका कार्य प्रणाली मनुष्य की तरह से होती है और यह समूचे नेटवर्क को सपोर्ट करता है

बड BAUD :- नेटवर्क से जुड़े कंप्यूटर के मध्य सूचनाओ के स्थानातरण की गति को मापने की इकाई बर्तमान समय प्रयोग होने वाले माडेम का बड रेट 300 से 19200 बड प्रति सेकंड तक  होती है

बैंड विर्थ:- नेटवर्क की ट्रेफिक को हैन्डिल करने की क्षमता को मापने में प्रयोग होने वाली यूनिट | इसे बिट प्रति सेकिंड (bps)में मापा जाता है

बिट:-  कंप्यूटर में प्रयोग होने वाली सुचना की सबसे छोटी इकाई

ब्रिज:- नेटवर्क में प्रयोग की जाने वाली वह डिवाइस जो डेटा को स्टोर करके आगे भेज सकती है और डेटा पाकेट को अलग अलग करके उन्हें उनके गंतव्य तक पहुचा सकती है

बस टोपोलॉजी :-  कंप्यूटर नेटवर्क बनाने में प्रयोग होने वाली एक तकनीक जिसमे एक सिंगल और सीधी केबल से कई कंप्यूटरों को जोड़ा जाता है

ब्राउजर :- इससे नेटवर्क या कंप्यूटर पर फाईलो व डिरेक्टरी अदि को खोजा जाता है यह बटन आपके सारे डायलाग बॉक्स में देखेंगे जहा आपको खोजने वाली फाइल या डाएरेक्टोरी का नाम फाइल व फोल्डर का पथ इन्टरनेट एड्रेस या युआरएल का नाम टाइप करना होगा बस ब्राउस पर क्लिक कीजिये और सामने ब्राउस डायलाग बॉक्स आ जायेगा

बायोस:-  “बेसिक इनपुट/आउटपुट”| ऑपरेटिंग सिस्टम के लोड होने से पहले CPU इस प्रोग्राम की सहायता से कंप्यूटर की विभिन्न हार्डवेयर डिवाइसो और कनेक्शननो को जाचता है और सभी कुछ सही होने पर ऑपरेटिंग सिस्टम प्रोग्राम को लोड करता है यह प्रोग्राम कंप्यूटर की रोम (ROM)में होता है और वाही से कार्य करता है |

Leave a Comment