What Is Computer |कंप्यूटर का परिचय |

कंप्यूटर का बेसिक परिचय 

 कंप्यूटर आज के आधुनिक युग में किसी भी व्यक्ति या  संगठन के लिए अभिन्न अंग है, कंप्यूटर का प्रयोग विभिन्न छेत्रों में अति महत्वपूर्ण हो गया है,
जैसे रिसर्च, खोज, मौसम की जानकारी, प्रसिक्षण, खेती,मैनेजमेंट, मेडिकल,व्यापार, प्रिंटिंग,मार्केटिंग,एनीमेशन आदि I
कंप्यूटर का प्रयोग सबसे ज्यादा इसकी विस्वसनीयता, गति, और क्षमता के कारण अधिक हो रहा है I इस पाठ्यक्रम में हम कंप्यूटर के विभिन्न उपकरणों और इनके खूबियों के बारे में जानेगे जसी इनपुट डिवाइसेस, आउटपुट devices और CPU आदि.

Computer Kya Hai |कंप्यूटर क्या है

कंप्यूटर एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो किसी यूजर के द्वारा  दी गयी सूचनाओ को प्राप्त करता है और इन  सभी सूचनाओ को या तो उसे प्रोसेस करके आउटपुट उपकरण में भेजता है या तो मेमोरी यूनिट में I
कंप्यूटर विभिन्न अंगो से मिलकर बना होता है जैसे keyboard, mouse, मॉनिटर, प्रोसेसर, प्रिन्टर, मेमोरी,  आदि I    

डाटा 

 किसी व्यक्ति , वस्तु, स्थान, या सांख्य तथ्य को डाटा कहते है , डाटा को दो भागो में विभाजित किया गया है
(अल्फानुमेरिक डाटा , नुमेरिक डाटा ).अल्फानुमेरिक डाटा अंको और सब्दो से बना होता है जैसे 1,2,3,4, और कर्मचारियों का  पता आदि और नुमेरिक डाटा  1,2,3,4…….9. से बना होता है जैसे सैलरी I

सूचना 

       डाटा की उपयोगिता के आधार पर किये गए विशलेषण और संकलन के बाद प्राप्त तथ्यों को सूचना कहा जाता है .I 

कंप्यूटर की विशेषताए (Characteristic of Computer)

     कंप्यूटर की कुछ मुख्या विशेषताए होती है जैसे Speed, Accuracy, Diligence,Versatility etc .आइये जाने कंप्यूटर की इन खूबियों के बारे में ….

 Accuracy (शुद्धता)

     यूजर के द्वारा दी गयी सूचनाओ के आधार पर कंप्यूटर सदैव 100% सहि उत्तर देता है , जबकि यदि कोई यूजर कंप्यूटर को गलत सूचना देता है तो वह गलत उत्तर प्रदर्शित करता है I 

Versatility (चंचलता)

      कंप्यूटर एक multitasking मशीन है जिसमे हम एक समय में एक से अधिक कार्यो को एक साथ कर सकते है , जैसे कंप्यूटर गेम्स, टीचिंग, ट्रेनिंग,प्रिंटिंग आदिI 

Diligence(परिश्रम)

      कंप्यूटर 24 hrs बिना थके रुके कार्य कर सकता है I 

Speed (गति)

     कंप्यूटर की स्पीड इसके माइक्रोप्रोसेसर (CPU ) पर निर्भर होती है और इसकी स्पीड Mhz (मेगा हर्ट्ज़ ) में मापी जाती है ,

Storage(भण्डारण)

कंप्यूटर  अपनी मेमोरी यूनिट (हार्ड ड्राइव ) में एक समय में अधिक से अधिक डाटा को स्टोर कर  सकता है,
कंप्यूटर की सबसे छोटी मेमोरी इकाई बिट (0, 1) कहलाती है –
                           0,1 (1 बिट)                    =                       8 डिजिट
                           4 बिट                             =                         1 निबल 
                           8 बिट                             =                         1 बाइट 
                           1024 बाइट                     =                      1kb (किलोबाइट)
                           1024 किलोबाइट             =                  1 mb (मेगा बाइट)
                           1024 मेगाबाइट              =                          1gb (गीगाबाइट)
                           1024 गीगाबाइट             =                           1 tb (टेरा बाइट )
                           1024 टेराबाइट                =                          1 टेरता बाइट 
                           1024 टेरता बाइट            =                          1 petta बाइट 

कंप्यूटर की पीढ़िया (Generation of Computer)

 प्रथम पीढ़ी (1946 to 1956)

  कंप्यूटर की प्रथम पीढ़ी की शुरुआत 1946 से मानी जाती है , इस पीढ़ी में कंप्यूटर में valve  एंड vacuum तकनीक का इस्तेमाल किया जाता था, इसमें मशीनी भाषा का प्रयोग किया जाता था, इसमें मेमोरी के तौर पर पंच कार्ड का प्रयोग किया जाता था I  
प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर आकार में बहुत बड़े होते थे और यह अत्यधिक electricity  की खपत करते थे जिनके कारण इनका प्रत्येक उपकरण अत्यधिक गर्म हो जाता था जिसकी वजह से इन्हें अतरिक्त कुलिंग की आवस्यकता होती थी ,
इनकी Speed बहुत ही Slow होती थी और मेमोरी भी कम होती थी इसी कारण इन कंप्यूटर में डाटा को स्टोर करके नहीं रखा जा सकता था |
इन कंप्यूटर की कीमत बहुत अधिक होने के कारण ये कंप्यूटर आम जनता की पहुँच से दूर थे| I प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर इस प्रकार है , एडवैक (EDVAC – Electronic Discrete Variable Automatic Computer ), यूनिवैक (UNIVAC – Universal Automatic Computer), एवं यूनीवैक – 1 (UNIVAC – 1) हैं।

दितीय पीढ़ी (1956 to 1964 )

       दितीये पीढ़ी की आरम्भ 1956 से 1964 तक मानी जाती है, इस पीढ़ी में ट्रांसिसिटर का प्रयोग किया जाने लगा , विलियम शॉकले (William Shockley) ने ट्रॉंजिस्‍टर का आविष्‍कार सन् 1947 में किया था ट्रॉंजिस्‍टर के उपयोग ने कम्‍प्‍यूटरों को वैक्‍यूम ट्यूबों के अपेक्षाकृत अधिक गति एवं विश्‍वसनीयता प्रदान की|
Transistor (ट्रॉजिस्‍टर) के आने के बाद कंप्यूटर के आकार में भी सुधार आया द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटर प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर से आकार में छोटे हो गए I ट्रांजिस्टर का प्रयोग होने के कारण COBOL एवं FORTRAN जैसी उच्‍चस्‍तरीय प्रोग्रामिंग भाषाओं का विकास हुआ I 

तृतीये पीढ़ी (1964 to 1974)

        कम्‍प्‍यूटरों की तृतीय पीढ़ी की शुरूआत 1964 से मानी जाती है । इस पीढ़ी में कम्‍प्‍यूटरों में IC (आई.सी.) अर्थात् एकीकृत सर्किट (Integrated Circuit) का आविष्‍कार जैक  किल्‍बी (Jack Kilby) ने 1958 में किया था।
इसमें हाई level प्रोग्रामिंग भासा का प्रयोग किया जाने लगा था  इस पीढ़ी के प्रमुख कम्‍प्‍यूटरों में ICL 2903, ICL 1900, UNIVAC 1108 और System 1360,IBM 360,IBM 370 मुख्य  थे।

चौथी पीढ़ी (1974 to 1990 )     

       कंप्यूटर की चतुर्थ पीढ़ी की शुरुआत सन् 1974 से हुई | सन् 1974  से लेकर 1990  तक के कम्‍प्‍यूटरों को चतुर्थ पीढ़ी के कम्‍प्‍यूटरों की श्रेणी में रखा गया है।
इस पीढ़ी में IC (Integrated Circuit) को और अधिक विकसित किया गया जिसे विशाल स्केल एकीकृत सर्किट (Large scale  Integrated Circuit) कहा जाता हैं।
इसमें हाई level भाषा का प्रयोग प्रोग्रामिंग के लिए किया जाने लगा, इसमें केवल एक सिलिकॉन चिप पर कंप्यूटर के सभी एकीकृत परिपथो पर लगाया जाता है|
जिसे माइक्रोप्रोसेसर कहा जाता है इन चिपों का प्रयोग होने वाले कंप्यूटर को माइक्रो कंप्यूटर कहा जाता है 

पांचवी पीढ़ी (1990 to till now )

कंप्यूटर की पांचवी पीढ़ी की शुरुआत 1990 से मानी जाती है इस generation में I.C को आधुनिक तकनीक के रूप में प्रयोग किया जाने लगा I. C. की यह तकनीक ULSI थी इसका पूरा नाम अल्ट्रा लार्ज scale इंटीग्रेटेड तकनीक था
 इस पीढ़ी के कम्‍‍प्‍यूटरों में कम्‍प्‍यूटर वैज्ञानिक कृत्रिम बुद्धिमत्‍ता (Artificial Intelligence) को समाहित करने के लिए प्रयासरत हैं।
आज के कम्‍प्‍यूटर इतने उन्‍नत हैं कि वे हर विशिष्‍ट क्षेत्र, मूल रूप से अकाउन्टिंग, इंजिनियरिंग, भवन-निर्माण, अंतरिक्ष तथा दूसरे प्रकार के शोध-कार्य में उपयोग किये जा रहे हैं।
   

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